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TUNE SIKHA DIYA!!!!!
हर घड़ी तूने याद में जलना सिखा दिया, जीवन लिटा के कब्र मे दफनाना सिखा दिया ! खोया था मौज में मैं दुनिया-मज़ार में, शागिर्द बन गया था . मैं जीत हार में, जब तक तू ले कफन को ओढना सिखा दिया, जीवन लिटा............................................. ! मंज़िलें बहार बनकर . पतझड़ तूने बुलाया, दो गीत क्या तू गायी रोना मुझे सताया दो दग्ध आंसूं देकर तूने गलना सिखा दिया जीवन लिटा............................................... ! उलझा तुम्हारे जुल्फ में नर्गिश के ख्वाब से, खेली तू हँसते-हँसते मेरे हीं आव से मुस्करा के तूने ऐसे में मरना सिखा दिया जीवन लिटा के कब्र में जलना सिखा दिया!!!!!!!!!!!!
कु. संतोष नोएडा सी@संत
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