|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
| |
|
|
|
MALOOM NA THA !!
बेरुखी इस कदर दिखाएंगे मालूम ना था ! बस चंद रोज़ मे बदल जाएंगे मालूम ना था ! वो अपनापन, वो मासूमियत, वो दिल लुभानेवाली बातें, दिल लुभा लिया जिसने ....... दिल लगाकर तोड़ जाएंगे मालूम ना था ! वादा किया था उन्होंने जीवनभर साथ चलने की साथ जीने मरने की............ चंद कदमों मे डगमगाएँगे मालूम ना था ! यूँ तो कहते रहे उदास हम हो जाएंगे तेरी जुदाई में................ इस तरह मेरा मजाक सबके सामने उड़ाएंगे मालूम ना था ! हमने तो उनको हमेशा अपना खुदा हीं माना था.... बींच मझधार मे डुबो जाएंगे मालूम ना था ! किसी ने पूछा कभी मुझसे किस-किस ने दगा दिया मेरे दोस्त....... कुछ अपना कहने वालों के चेहरे उतर जाएंगे मालूम ना था ! चेहरा दिखाकर मुह मोड़ जाएंगे मालूम ना था !!!!!!!! कु@संत गुड़गांव 28.08.08
|
|
| | |
|
|
|
|
|
|
|